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हाथ, पैरों की मांसपेशियों के कमजोर होने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ है गà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ बैरे सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®!
गà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ बैरे सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® के लकà¥à¤·à¤£.
Guillain Barre syndrome: कई बार थकान की वजह से हाथ या पैरों में दरà¥à¤¦ होने लगता है. लेकिन अगर आपको हाथ और पैरों में दरà¥à¤¦ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहने लगे तो यह खतरे का संकेत है इससे बिलकà¥à¤² नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिà¤. हाथ- पैरों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ का कारण गà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ बैरे सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® हो सकता है. गà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ बैरे सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का दà¥à¤°à¥à¤²à¤ नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल डिसऑरà¥à¤¡à¤° है. इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में हाथ और पैरों की मांसपेशियां कमजोर होने लगती है. यह कमजोरी हाथों से शà¥à¤°à¥‚ होकर शरीर के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में फैलती जाती है.
दो हफà¥à¤¤à¥‡ में गंà¤à¥€à¤° हो जाती है बीमारी
मायोकà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इस बीमारी के लकà¥à¤·à¤£ आधे दिन से लेकर दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के à¤à¥€à¤¤à¤° ही काफी गंà¤à¥€à¤° रूप ले लेते हैं. इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ बढ़ती जाती है और सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ यहाठतक आ जाती है कि वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपनी पेशियों का बिलकà¥à¤² à¤à¥€ उपयोग नहीं कर पाता और उसे à¤à¤• तरह से पूरी तरह लकवा मार जाता है.कई बार तो यह बीमारी इतनी गंà¤à¥€à¤° हो जाती है कि मरीज़ की बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग मसलà¥à¤¸ तक कमजोरी हो जाती है और उसे मेकेनिकल वेंटिलेशन की जरूरत पड़ जाती है. यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ आपकी जान को जोखिम में à¤à¥€ डाल सकती है.
वैसे तो हमारा इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® बाहरी चीजों पर आकà¥à¤°à¤®à¤£ करता है, लेकिन जब यह सिसà¥à¤Ÿà¤® गलती से हमारे शरीर की कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर ही हमला करना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है तो उसे आटोइमà¥à¤¯à¥‚न डिजीज़ कहा जाता है. इसमें हमारे शरीर की रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ हमारे पेरिफेरल नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® पर आकà¥à¤°à¤®à¤£ करने लगती है. इस वजह से पेरिफेरल नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® की माइलीन शीथ कमजोर होने लग जाती है. à¤à¤¸à¤¾ होने पर नरà¥à¤µà¥à¤¸ हमारे शरीर को मिलने वाले संकेतों को सही तरीके से à¤à¤• से दूसरी जगह पहà¥à¤‚चा नहीं पाती हैं. इस कारण हमारे बà¥à¤°à¥‡à¤¨ के कमांड पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दिखाने की मांसपेशियों की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर होने लगती है.
ये à¤à¥€ हैं लकà¥à¤·à¤£
इस बीमारी के होने पर मरीज़ के शरीर पर खासकर हाथों व पैरों में सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤ªà¤¨, सिहरन, अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤ˆ-सी चà¥à¤à¤¨ महसूस होना और दरà¥à¤¦ होना आदि लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देने लगते हैं. कà¤à¥€- कà¤à¥€ शलà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या टीका लगाने से à¤à¥€ इसके लकà¥à¤·à¤£ उà¤à¤° जाते हैं. यह लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देने के आधे दिन से लेकर दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के अंदर बेहद गंà¤à¥€à¤° रूप ले लेते हैं और सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ हो जाते हैं. हर पांच में से à¤à¤• रोगी में हाथ-पैरों पर यह कमजोरी चार सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक बनी रहती है. इस बीमारी के लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें कà¥à¤› लोग गà¥à¤²à¤¿à¤¯à¤¨ बैरे सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® के शिकार कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होते हैं जबकि दूसरे नहीं होते, इसका कारण अà¤à¥€ तक पता नहीं चल पाया है.
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